AD

Breaking News

झारखंड के किसानों की आवाज़ बुलंद, सरकार को सौंपा गया 19 सूत्रीय मांग पत्र palamu news today rbc channel

 

https://blogger.googleusercontent.com/img/b/R29vZ2xl/AVvXsEiSdDhsQhNMuC3T5ZiRzup0DnSDTXPTpwXUu4XVxJKkIg4gpRsCs3tPxe7YCJBrmenRO2EBmDYPla5eo57_WA5gSIfA4y5i
पलामू 
पलामू : 


हैदरनगर, पलामू: झारखंड के किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर प्रखंड किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेमतोष कुमार सिंह (गुड्डू) ने राज्य सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री को एक 19 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र में किसानों की ऋण माफी, कृषि उपकरणों की उपलब्धता, एटीक सेंटरों की मरम्मत, बीज-खाद की समय पर आपूर्ति सहित कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। किसानों ने सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें खेती-किसानी में हो रही परेशानियों से राहत मिल सके। इस मौके पर  गुप्तेश्वर पाण्डे हैदरनगर प्रखंड परता पंचायत समिति सदस्य सह अध्यक्ष प्रखंड कांग्रेस कमिटी हैदरनगर  वा अन्य कई सामाजिक कारकून मौजूद थे

किसानों की प्रमुख मांगें

1. कृषि ऋण माफी योजना में संशोधन


किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि कृषि ऋण माफी योजना में राशन कार्ड की अनिवार्यता समाप्त की जाए, ताकि अधिकतम जरूरतमंद किसान इसका लाभ उठा सकें।

2. किसान मित्रों का मानदेय बढ़ाया जाए


किसान मित्रों को वर्तमान में जो मानदेय दिया जा रहा है, वह अपर्याप्त है। इसे ₹5000 प्रति माह किया जाए।

3. सभी प्रखंडों में किसान भवन अतिक्रमण मुक्त हों


राज्य के प्रत्येक प्रखंड में किसान भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराकर, किसानों को उनकी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

4. एटीक सेंटरों की मरम्मत और सुविधाएं


पलामू जिले के सभी एटीक सेंटरों की मरम्मत के साथ वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इनमें बिजली, पानी, बैठने की जगह आदि की व्यवस्था हो।

5. एटीक सेंटरों में कंप्यूटर ऑपरेटर और लिपिकों की नियुक्ति


सभी एटीक सेंटरों में कंप्यूटर ऑपरेटर और कार्यालय लिपिकों की नियुक्ति की जाए, जिससे कृषि संबंधी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो सके।

6. मृदा जांच और माप-तौल की सुविधा


किसानों की उपज को सही मूल्य मिल सके, इसके लिए सभी एटीक सेंटरों में मृदा जांच और माप-तौल मशीनों की सुविधा दी जाए।

7. बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए


फसल बुआई से कम से कम एक माह पूर्व किसानों को उनके प्रखंड स्तर पर बीज उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती की तैयारियों में कोई बाधा न आए।

8. हर प्रखंड में बीजग्राम की स्थापना


सभी प्रखंडों में बीजग्राम की स्थापना की जाए, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिल सकें।

9. कोल्ड स्टोरेज की सुविधा


किसानों की फसलों के उचित भंडारण के लिए हर प्रखंड में कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएं, ताकि उनकी उपज खराब न हो और उन्हें सही मूल्य मिल सके।

10. पैक्स समितियों को बिहार की तर्ज पर मजबूत किया जाए


झारखंड के सभी पैक्स समितियों को बिहार की तर्ज पर सुदृढ़ किया जाए, जिससे किसानों को सहकारी सुविधाएं मिलें और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

11. सोलर पंप सेट का शीघ्र वितरण


कुसुम योजना के तहत सोलर पंप सेट का वितरण जल्द से जल्द किया जाए, ताकि किसान सिंचाई के लिए आत्मनिर्भर बन सकें।

12. डीप बोर योजना का लाभ किसानों को मिले


झारखंड के किसानों को डीप बोर योजना के तहत सिंचाई की सुविधा प्रदान की जाए, जिससे वे सूखे जैसी स्थिति से निपट सकें।

13. कृषि उद्योगों की स्थापना


हुसैनाबाद में जपला सीमेंट फैक्ट्री की जमीन पर कृषि आधारित उद्योग लगाया जाए, ताकि किसानों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और संसाधन मिल सकें।

14. लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा


राज्य में प्रखंड स्तर पर कृषि आधारित लघु एवं कुटीर उद्योग स्थापित किए जाएं, ताकि किसान अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकें।

15. हैदरनगर में चीनी मिल और अन्य उद्योगों की स्थापना


किसानों के हित में हैदरनगर में एक चीनी मिल सहित अन्य कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना की जाए।

16. परता मुरही नदी में गेट सहित चहका निर्माण


हैदरनगर प्रखंड के परता मुरही नदी में गेट सहित चहका निर्माण किया जाए, जिससे किसानों को जलसंचय का लाभ मिल सके।

किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
प्रेमतोष कुमार सिंह (गुड्डू) ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती, तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब यह देखना होगा कि झारखंड सरकार इस मांग पत्र पर क्या निर्णय लेती है। किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेगी और जल्द ठोस निर्णय लेकर उनके हितों की रक्षा करेगी।

कोई टिप्पणी नहीं