शिबू सोरेन की जयंती पर विशेष: झारखंड आंदोलन के महानायक दिशोम गुरु को नमन palamu news today rbc channel
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अविनाश देव गुरुजी का आशीर्वाद लेते हुए |
11 जनवरी का दिन झारखंड आंदोलन के इतिहास में एक प्रेरणादायक अध्याय की याद दिलाता है। इस दिन झारखंड आंदोलन के महानायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक, दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती मनाई जाती है। आज उनकी 80वीं जयंती के अवसर पर झारखंड और देशभर में उनके प्रशंसक और समर्थक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
शिबू सोरेन: एक आंदोलनकारी से दिशोम गुरु बनने का सफर
शिबू सोरेन का जन्म रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ। उन्होंने अपने जीवन को झारखंड आंदोलन और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष महज एक अलग राज्य की मांग तक सीमित नहीं था, बल्कि यह जल, जंगल, जमीन, खनिज और आदिवासी संस्कृति को बचाने का एक संकल्प था।
झारखंड आंदोलन की 70 साल लंबी लड़ाई के दौरान हजारों लोगों ने संघर्ष किया, और सैकड़ों ने बलिदान दिया। इस आंदोलन ने झारखंड के आदिवासी समाज को नई पहचान दी। शिबू सोरेन ने विनोद बिहारी महतो और ए.के. राय के साथ मिलकर झामुमो की नींव रखी, जो झारखंड के निर्माण का आधार बना।
अविनाश देव ने गुरुजी से की विशेष मुलाकात
झारखंड आंदोलन की इस लंबी यात्रा में कई युवा प्रेरित हुए। इसी कड़ी में झारखंड के एक कर्मठ युवा अविनाश देव ने शिबू सोरेन से मुलाकात की। अविनाश देव ने गुरुजी से आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके संघर्षों की गहराई को महसूस किया।
गुरुजी ने अविनाश देव को आशीर्वाद देते हुए कहा, "जाओ, तुम बहुत आगे तक पहुंचोगे।" यह शब्द आज भी अविनाश देव के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
अविनाश देव ने गुरुजी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा, "मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैंने ऐसे महान नेता और प्रेरणा स्रोत से मुलाकात की। उनकी विचारधारा और संघर्ष मेरे जीवन का मार्गदर्शन करेंगे।"
हेमंत सोरेन: संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं
गुरुजी के संघर्ष और नेतृत्व का परिणाम है कि आज उनके पुत्र हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हैं और देश के प्रमुख नेताओं में शुमार होते हैं। उन्होंने अपने पिता की 80वीं जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए कहा, "दिशोम गुरु का संघर्ष हमें निरंतर प्रेरित करता है और उनकी विचारधारा राज्य के विकास के लिए हमारी नींव है।"
दिशोम गुरु की विचारधारा: एक प्रेरणा स्रोत
शिबू सोरेन का जीवन हमें बताता है कि संघर्ष और समर्पण से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उनकी विचारधारा और नेतृत्व ने झारखंड को नई दिशा दी। आज भी वे पार्टी और झारखंड के लिए मार्गदर्शन का स्तंभ बने हुए हैं।
निष्कर्ष
शिबू सोरेन की जयंती पर झारखंड और देश उन्हें नमन करता है। उनकी प्रेरणा और संघर्ष ने राज्य और आदिवासी समाज को नई पहचान दी। हम सब गुरुजी के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करते हैं ताकि उनकी रोशनी से झारखंड और आगे बढ़ता रहे।।
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